गालियाँ या अपशब्द
गाली किसी भाषा की बोली मे प्रयुक्त, क्रोध वश उचारित कुछ विशेष शब्द है,
जो झगड़े के आरंभ मे दो बुद्धि जीव, एक दूसरे के साथ साझा करते है।
यह कुछ अटपटे-बेढंगे और त्वरित उत्पन्न शब्द भी हो सकते है,
इनका किसी झगड़े और विवाद मे मूल स्थान होता है।
क्रोध को व्यक्त करने का एक बहुत ही सरल और सहज साधन है-गाली,
गाली-जो कभी-कभी लहू-लुहान कर देती है आपके चरित्र और मन को,
कौन है ऐसे शब्दों का रचीयता, जो बिना हथियार ही घायल कर देता है, तन और मन को।
जिसका श्रवण मात्र ही भर देता है, मन को भीषण क्रोध और आत्मग्लानि से ,
भड़का देती है प्रतिशोध की ज्वाला मन मे और उच्चारित होती है गालियाँ प्रतियुतर मे ।
गाली जो एक सरल और सीधे मानव को भी भर लेती है अपने आगोश मे,
और वह भी शुरू कर देता है उन अटपटे-बेढंगे और त्वरित उत्पन्न शब्द का सैलाब ।
कभी-कभी भयंकर परिणाम का कारण भी बन जाती हैं ये गालियां,
जब की कही-कही सरल सीधे स्वभाव से, दैनिक जीवन का हिस्सा है गालियां ।
अक्सर गाली का प्रयोग अपमानजनक, निन्दात्मक या कठोर भाषा के रूप में ही होता है। अंग्रेजी
में इसे "swear word" या "curse" कहते हैं, जबकि फ्रेंच में इसे "juron" या "insulte"
कहते हैं, और स्पेनिश में "palabrota" शब्द का प्रयोग होता है। लगभग सभी भाषा मे गलियों
का प्रयोग होता है।
गाली या अपशब्द कई प्रकार की होती है। जैसे आम बोलचाल मे इस्तेमाल होने वाली गालियाँ
,शरीर के अंगों या यौन क्रियाओं से संबंधित गालियाँ और पारिवारिक सबंधों पर आधारित
गालियां व अपशब्द । गालियां किसी को नीचा दिखाने के लिए उसे किसी जानवर आदि के
नाम से संबोधित करके भी दी जाती है।
गाली देना एक अपमानजनक व्यवहार है और इसका उपयोग सामाजिक रूप से निंदनीय
माना जाता है।

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